गुरु अम्मा
दिनांक 22 अप्रेल 2019 दोपहर 12:25 का समय हो गया था,बाहर किसी महिला के चिल्लाने की आवाज आ रही थी और उस आवाज के कारण मेरी नींद टूटी थी ; कल रविवार था पार्टी के कारण रात को 2 बजे अपने फ्लैट पर आया था इसलिए सुबह उठने में और ऑफिस जाने में देरी हो गयी थी। जल्दी जल्दी तैयार हुआ और अपनी गाड़ी की चाबी उठाई , हैलमेट उठाया और नीचे आया गेट खोला तब देखा की पड़ोस के घर के बाहर एक महिला गेट के बाहर मेरी तरफ पीठ करके बैठे थे उनके पास मैं बैसाखी रखी हुई थी उनका एक पैर नहीं था, मैंने उन्हें कई बार देखा था अपनी कॉलोनी में वो पैसे मांग कर अपना जीवन यापन करते थे ,मैंने सोचा उन्हें पैसे देता हूं फिर सोचा जब वो मांगेंगे तब दे दूंगा और अपनी गाड़ी पर बैठा चाबी लगाई तब हाथ में देखा मेरा ब्रेसलेट नहीं था तब मैंने मेरे मित्र नितेश को नीचे से ही आवाज दी। वो बाहर आया मैंने उससे ब्रेसलेट मांगा , वो अंदर ब्रेसलेट लेने गया तभी मुझे उन अम्मा ने आवाज लगायी "बेटा!" और हाथ के इशारे से समझाया की मुझे उठा दे। मैं उन्हें उठाने के लिए आगे बड़ा, उनके पास पहुँचा उनको उठाया। उन्होंने मेरा तब नाम पूछा ; मैंने अपना नाम बत...